Telangana Formation Day 2024: 44 साल के लंबे संघर्ष के बाद Telangana को मिली थी नई पहचान

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Telangana Formation Day

हर साल 02 जून को Telangana Formation Day मनाया जाता है। साल 2014 में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से अलग होकर भारत का 29वां राज्य बना था। राज्य की जीवंत संस्कृति अपने नृत्य, पारंपरिक पोशाक, भोजन और अद्भुत संगीत के लिए जानी जाती है। इस दिन को अधिक खास बनाने के लिए इस उत्सव में फेमस कलाकारों और फेमस हस्तियों द्वारा प्रदर्शन किया जाता है।Telangana Formation Day राज्य के अधिक समृद्ध और संपन्न भविष्य को बनाने का आह्वान है। यह दिन राज्य के लोगों की आकांक्षाओं और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Telangana Formation Day का कार्यक्रम

इस खास मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और परेड का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही आतिशबाजी, सम्मेलन और सेमिनार भी होते हैं। यह दिन तेलंगाना के लोगों के लिए गर्व और खुशी का दिन होता है। तेलंगाना के लोगों के लिए यह दिन राज्य के उज्जवल भविष्य और समृद्द विरासत का प्रतीक है। बता कें कि तेलंगाना भारत के सबसे कम उम्र वाला राज्य है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद भारत के सबसे पुराने और सबसे ऐतिहासिक शहरों शामिल है।

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Telangana Formation Day का इतिहास 

आपको बता दें कि राज्य के गठन के लिए दशकों तक लंबा आंदोलन चलाया गया था। क्योंकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों अलग-अलग भाषा, संस्कृति और इतिहास वाले क्षेत्र हैं। अलग राज्य का दर्जा पाने के लिए तेलंगाना के लोगों ने लंबे समय तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया। वहीं हर साल 02 जून को Telangana Formation Day मनाया जाता है। 02 जून 2014 को आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना देश का 29वां राज्य बना था। तेलंगाना राज्य बनाने के लिए भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम पारित किया। 

Telangana की अर्थव्यवस्था

तेलंगाना की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि द्वारा संचालित है। भारत की दो महत्वपूर्ण नदियाँ, गोदावरी और कृष्णा, राज्य से होकर बहती हैं, जो सिंचाई प्रदान करती हैं। तेलंगाना में किसान सिंचाई के लिए मुख्य रूप से वर्षा आधारित जल स्रोतों पर निर्भर हैं। चावल प्रमुख खाद्य फसल है। अन्य महत्वपूर्ण फसलें कपास, गन्ना, आम और तम्बाकू हैं। 

Telangana importance

तेलंगाना के लोगों के लिए राज्य स्थापना दिवस का यह दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह लोगों को उनके संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है। तेलंगाना स्थापना दिवस राज्य की संस्कृति और विरासत को दुनिया के सामने रखता है।

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Telangana का  विशेष नृत्य
Telangana Dance

पेरीनी थांडवम तेलंगाना से एक प्राचीन नृत्य है जिसे हाल के दिनों में पुनर्जीवित किया गया है। पेरिनी थांडवम आम तौर पर पुरुषों द्वारा किया जाने वाला एक नृत्य रूप है। इसे ‘योद्धाओं का नृत्य’ कहा जाता है।

Telangana का पारंपरिक पोशाक
Telangana Dress

महिलाएं आम तौर पर साड़ी, चूड़ीदार और लंगा वोनी पहनती हैं। तेलंगाना संस्कृति और परंपरा की सबसे प्रसिद्ध साड़ियों में गडवाल साड़ी, पोचमपल्ली सिल्क साड़ी और इकत साड़ी शामिल हैं।तेलंगाना में पुरुषों की पारंपरिक पोशाक में धोती शामिल है, जिसे पंचा के नाम से भी जाना जाता है।

Telangana का भोजन 
Telangana Food

सर्व पिंडी – तेलंगाना का मुख्य भोजन । यह चावल के आटे, चना दाल, मूंगफली और मिर्च से बना एक स्वादिष्ट पैनकेक है। इसे एक गहरे, गोल आकार के पैन में पकाया जाता है और रेसिपी की पवित्रता बनाए रखने के लिए, इसे पकाने से पहले बेले हुए आटे के मिश्रण में छेद करना उचित होता है। इसकी तैयारी के कारण इसे गिन्ने अप्पा भी कहा जाता है।

Telangana का  अद्भुत संगीत

Telangana Music

तेलंगाना में लोक संगीत के विविध रूप ओग्गु कथा, सारदा कला, सेवी पेटल्स आदि हैं। उत्तर. शिवतांडवम एक प्रारंभिक नृत्य शैली है।

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